ले जाऊँगा मैं एक दिन सूरज को जेब में करवट बदलना रात भर तारे शुमार कर -इरशाद अज़ीज़ इरशाद अज़ीज़ जी की सूर्य पर कविता इरशाद अज़ीज़ जी की रचनाएँ [simple-author-box] अगर आपको यह रचना पसंद आयी हो तो इसे शेयर करें
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ले जाऊँगा मैं एक दिन सूरज को जेब में
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दिल से दुनिया निकाल कर आना
दिल से दुनिया निकाल कर आना ऐसा कोई कमाल कर आना -इरशाद अज़ीज़ इरशाद अज़ीज़ जी की दुनिया पर शायरी इरशाद अज़ीज़ जी की रचनाएँ [simple-author-box] अगर आपको यह रचना पसंद आयी हो तो इसे शेयर करें More -
ज़मीने दिल पे तेरी याद का दरिया मचलता है
ज़मीने दिल पे तेरी याद का दरिया मचलता है तसव्वुर के फ़लक पे जब तेरा चेहरा मचलता है - इरशाद अज़ीज़ इरशाद अज़ीज़ जी की लम्हों पर कविता इरशाद अज़ीज़ जी की रचनाएँ [simple-author-box] अगर आपको यह रचना पसंद आयी हो तो इसे शेयर करें More -
काव्य ज्योति जल उठी रौशन हो दिन रात
काव्य ज्योति जल उठी रौशन हो दिन रात आओ मिल कर हम करें ऐसी कोई बात - इरशाद अज़ीज़ इरशाद अज़ीज़ जी की रौशनी पर कविता इरशाद अज़ीज़ जी की रचनाएँ [simple-author-box] अगर आपको यह रचना पसंद आयी हो तो इसे शेयर करें More -
ख़ुद भी जलते रहे और जलाते रहे
ख़ुद भी जलते रहे और जलाते रहे कैसे कैसे वो दिल को दुखाते रहे लुत्फ़ जीने का हम तो उठाते रहे दर्द सहते रहे मुस्कुराते रहे ग़म से रौशन हुआ है ये चेहरा मेरा लोग तो क्या क्या बातें बनाते रहे कितना आसां था वो ज़िन्दगी का सफ़र जब ग़ज़ल याद की गुनगुनाते रहे सो [...] More -
बाँट कर हमने हर ख़ुशी अपनी
बाँट कर हमने हर ख़ुशी अपनी फिर निखारी है ज़िन्दगी अपनी ज़िन्दा जब तक ज़मीर अपना है अपना सूरज है रौशनी अपनी ये दिखावा तुम्हें मुबारक हो हम को काफ़ी है सादगी अपनी हम को जीना अगर नहीं आया कुछ कमी है तो है कमी अपनी जैसे चाहो गुज़ार दो यारो ज़िन्दगी है ये आपकी [...] More