• ख्वाब पर नज़्म, इरशाद अज़ीज़

    मगर तुम नहीं

    उम्र ढलान पर है बेशुमार ख़्वाब आंखों में जगमगाते हैं उड़ाते हैं मज़ाक बेबसी का यही तमाशा है ज़िन्दगी का [...] More
  • कुए पर नज़्म, इरशाद अज़ीज़

    कुए का दु:ख

    जीवन मुस्कराता था इसके आस-पास परिंदों के झुंड गाते थे प्रेम के गीत कितने हरे-भरे थे वो खेत-खलिहान वो पेड़ [...] More